अधिकाधिक सम्पति का संचय, शिक्षा का ध्येय नहीं
"शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य अधिक बल एवं ज्ञान अर्जन करने तक सीमित नहीं , बल्कि उस बल और ज्ञान के द्वारा समृद्ध , सभ्य और स्वस्थ समाज का निर्माण है ।" - अल्बर्ट आइंस्टीन लौकिक शिक्षा का मुख्य ध्येय अधिकाधिक सम्पति का संचय करना नही वरन व्यक्ति के सम्पूर्ण विकास को प्रोत्साहित करना होता है , जो उसे न केवल अधिकाधिक ज्ञान और विज्ञान में समर्थ बनाता है , बल्कि सही तरीके से सोचने , समझने, संवाद करने , नैतिक मूल्यों को समझकर उनको विकसित करने , समस्याओं का समाधान करने , समाज में अपना योगदान देने , और ...